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hi my name is Rinku I am housewife beautician and masters Hindi I like writing .reading. I am a story and history's best my life
READING AGE 18+
Patel Rinku
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ABSTRACT
ये कहानी एक दोस्त की है जो एक दूसरे की है जान तक दे सकते हैं पर अचानक उनके साथ ऐसा क्या हुआ कि वाह दोनों दोस्त दुश्मन बन गए प्रताप सिंह दूसरे का नाम रघुवीर सिंह दूसरे ही बलवान बुद्धिमान और सभी की मदद करने वाले थे वाह डॉन सिर्फ यूएन डोनन की सिमित है उनको दुश्मनी निभाए अपने गांव वालों के साथ कभी भी वाह अत्याचार या एफआईआर उनका अपराध नहीं किया करते थे वाह हमेशा कहानी बहुत आगे तक पढ़ने लगी दुश्मनी बहुत ही खराब गई और दोनों दोस्त एक दूसरे का मुंह तक देखना पसंद नहीं करते उसकी वजह दोस्त प्रताप सिंह की बहन रागिनी थी रागिनी का विवाह रघुवीर के साथ तय किया गया पर वो रघुवीर को पसंद नहीं करती थी वाह किसी और के साथ विवाह करना चाहती थी ये बात रघुवीरा को पता चल गई तो वाह उसकी जिंदगी को बेगाना नहीं चाहिए था इसलिए इसलिए वाह प्रताप सिंह हटा दिया कि वाह विवाह नहीं करेगा जब विवाह के रिश्ते आने लगे तब अचानक रघुवीर ने विवाह से मन कर दिया यह सुनकर प्रताप जी को बहुत बुरा लगा उसे लगा कि वाह उसे पसंद नहीं करता पर यह सुनकर रागिनी वहां से चली गई और उसी रात रागिनी भाग गई यह सोच कर की वाह अपने जीवन में सच्चे प्रेम का आगमन हुआ है यह सोच के भगवान से चले गए उसके जाने के बाद दोनों तात्वों के बीच में इतनी बड़ी खाए हो गई थी वह एक दूसरे को दुश्मन ही दिखने लगे प्रताप सिंह गुस्से में आकार सबके सामने रघुवीर से कह गए उसकी बहन जो जो प्रताप सिंह से बहुत ही छोटी उमरा की थी उसका विवाह करेगा और वाह रघुवीर से दूर कर देगा और उसने अपनी बहन को शहर में पढ़ने के लिए भेज दिया जो मात्रा वाह 11 साल की थी तब जब वाह पढ़े लिखे अच्छा 19 साल की हुई तब वाह उसे वापस लाया ताकि वाह उसका विवाह करके एक नई परिवार में उसे भेज दे ताकि प्रताप सिंह को परेशान ना कर पाए यह सोच कर रघुवी ने अपनी बहन का विवाह एक अच्छे से परिवार में तय कर लिया जब रघुवीर की बहन राधिक पता चली तो वाह अपने भाई से बहुत ही रश हो गई उसे लगा कि उसके पास उसके साथ गलत कर रहे पर वह विवाह नहीं करना चाहती थी यह बात उसने रघुवीर को बार-बार कहीं पर रघुवीर अपनी अलग ही समस्याएं ऊर्जा हुआ था वह अपनी बहन को बिल्कुल भी तकलीफ देना नहीं चाहता था यह सुनकर अचानक देने वाले उनके काका फट-फट के रोने लगे उन्हें लगा कि रघुवीर तुम्हें तलाक उठ जाओगे तो सारी सारी बात पता चल जाएगी और वहां से विवाह करने के लिए राजी नहीं होगी यह सुनकर अपने आंसुओं को खुशी के आंसुओं में बदल देता है और वहां अपनी बहन के विवाह की तैयारी जोर से करना लगता है बहन के विवाह में कोई भी कमी ना हो उसकी बहुत अच्छी द देखरेख करता है विवाह के दिन जैसे-जैसे निजी करते हैं वैसे वैसे लखबीर की धड़कन तेज होने लगती है अगर गलती से भी पता चल गया तो वह उसकी बहन का जीना हराम कर देगा कुदरत को कुछ और ही पसंद था विवाह की बहन राधिका बहुत ही सुंदर और संस्कारी दिखाई दे रही राधिका का विवाह शांतिपूर्ण संपन्न हुआ जैसे सब शांति मानते थे वह एक भूचाल बन गया जब मैंने क्या आशीर्वाद लेने की बारी आई तब राधिका का हाथ पकड़ कर एफआईआर सबके सामने खींच के दो चामत लगाई तब तब वहां देख के सब लोग डर जाते हैं जब दूल्हे का चेहरा सबके सामने आता है तब सबको उनके जोड़ों के नीचे से जमीन खिसक जाती है क्योंकि वह दूल्हा कोई और नहीं बाल्की जिनसे सब बचा रहे वो उनकी राधिका सच में जैकलिन सी थी, उसके प्रशंसक दलदल में थे वाह अपनी बहन को जब टिकट पर सिखाता है सब रघुवीर फूट-फूट के रोने लगता है वाह अपनी बहन की खुशियों की भीख मांगने लगता है कि उसने गुस्से में आकर क्या हो पर हो उसकी बहन का ख्याल रखें यह सुनकर सबके सामने जोर जोर से हंसते हुए प्रताप सिंह रघुवीर को कहते हैं कि तुम अब रोने की तैयारी शुरू कर दो क्योंकि अब तुम्हारी बहन जब वह हालात होगी देख के पूरा गांव रोएगा तुम देखते जाओ अब तुम्हारे रोने की समय आने लगती है मौसम के सामने नगरी की बहन राधिका को वहां से लेकर चला जाता है यहां देख के पूरा गांव चिखाने चिलने लगता है वहां से वो राधिका को लेकर चला जाता है उसके घर पहुंचें पर जब आरती की थाल और देखना है मैं दुश्मन को लेकर आया हूं जिसे मैं फ्री में सिर्फ तकलीफ दे सकता हूं वाह मेरी पत्नी नहीं है हां सब ठीक मेरे लिए खिलाना है जब तक मेरा जी चाहेगा तब तक मैं इस्तेमाल करूंगा मन भर जाएगा तब तक मेरी पत्नी कब तक वाह मेरे साथ ही रहेगा जब तक मेरा काम पुराना हो जाता है तो मुझे लगेगा कि मैंने अपना बदला पूरा कर लिया है तो मुख्य उपयोग को देखकर भाई के पास वापस छोड़ कर चलूंगी उसके भाई को भी पता चला किसी और की बहन के साथ जिसकी वजह से मैंने अपनी बहन को खो दिया तेरी बहन को अपनी आंखों के सामने देख भी नहीं सकता पता नहीं वह एचएएल में क्या है जान भी नहीं सकता पता नहीं उसके साथ क्या हुआ और प्रति इमेज क्या नहीं वाह भी नाक रख रही है अपना बगीचा काट के रखते हैं कैल उसकी बहन को जब तक मेरी मर्जी है तब तक मुख्य उपयोग कहीं नहीं जाने दूंगा और अब मेरे लिए एक नौकरानी की तबीयत सेवा करेगी अगर नहीं वाह कहीं और जाने के लायक नहीं रहेंगे यह सुनाने के लिए बुरी बाती की माफी हालात खराब हो जाती है कि वाह अपने बेटे को समझ नहीं पाएगी सी भी लड़की के साथ बच्चे बैठे नहीं की जा सकती वाह अपने भाई के पास जाना चाहते थे तो वापस भेज दो बता दो बेटा तुम किसी भी लड़की के साथ ऐसा बच्चा मत कर जिसे तुम्हें पता होगा की नहीं तो पताती है इसे मारो काटो जो भी कर हाय मेरा अधिकार है कि सुनकर प्रताप से इसकी मैंने कहा कि बताओ तुम गलत प्रति गुस्से में हुकुम यानी प्रताप सिंह अपनी पत्नी के साथ बहुत ही बुरा व्यवहार करने लगते हैं, वह अपने कमरे में ले जाकर उनके साथ ही बहुत गंदा व्यवहार करने लगते हैं शरीर की राय इतनी की जाती है कि वाह खुद से उठ भी नहीं शक्ति बात अपने भाई को बताना चाहती थी जब यह बात रघुवीर को पता चली तो हो अपनी बहन को लेने के लिए दौड़ता हूं एक गया अपनी बहन को लेकर अपने घर चला गया वह अपनी बहन